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पीरपैंती पावर प्रोजेक्ट पर अडानी की नजर: बिहार की ऊर्जा तस्वीर बदलने वाली योजना की आज करेंगे समीक्षा

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बिहार के ऊर्जा भविष्य से जुड़ी सबसे बड़ी परियोजनाओं में शामिल पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट आज एक अहम पड़ाव पर पहुंचने जा रहा है। अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी रविवार को भागलपुर जिले के पीरपैंती पहुंचकर प्रस्तावित 2400 मेगावाट क्षमता वाले अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट का स्थल निरीक्षण करेंगे। इस दौरे को केवल एक औपचारिक विजिट नहीं बल्कि बिहार के ऊर्जा और औद्योगिक विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तय कार्यक्रम के अनुसार वे हेलीकॉप्टर से परियोजना परिसर के हेलीपैड पर उतरेंगे और निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के साथ अधिकारियों और परियोजना टीम के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक करेंगे। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इस हाई-प्रोफाइल दौरे को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारी की गई है। जिला प्रशासन ने सशस्त्र पुलिस बल, मेडिकल टीम, आपातकालीन एंबुलेंस और समन्वय अधिकारियों की विशेष तैनाती सुनिश्चित की है ताकि कार्यक्रम बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके। यह परियोजना भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड के सिरमतपुर और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 479 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जा रही है। भौगोलिक दृष्टि से यह स्थान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि परियोजना स्थल के पास गंगा नदी, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे कनेक्टिविटी मौजूद है, जिससे निर्माण सामग्री और लॉजिस्टिक्स की आवाजाही आसान होगी। तकनीकी दृष्टि से यह संयंत्र अत्याधुनिक अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित होगा, जिससे उच्च दक्षता के साथ कम उत्सर्जन सुनिश्चित किया जा सकेगा। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद यह बिहार की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी और राज्य की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को स्थिरता प्रदान करेगी। इसके साथ ही निर्माण चरण में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और संचालन के बाद स्थायी नौकरियों की संभावना भी जताई जा रही है, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है। प्रशासनिक और औद्योगिक हलकों में इस परियोजना को बिहार की ऊर्जा रणनीति का केंद्रीय स्तंभ माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि यह केवल एक बिजली परियोजना नहीं बल्कि राज्य में औद्योगिक निवेश, आधारभूत संरचना विकास और रोजगार विस्तार के नए दौर की शुरुआत का संकेत भी है। गौतम अडानी का यह दौरा इसी व्यापक आर्थिक और रणनीतिक महत्व के कारण विशेष रूप से चर्चाओं में है और इसे बिहार के औद्योगिक भविष्य की दिशा तय करने वाले अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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